तिलक क्यों लगते है और इसका वैज्ञानिक कारण

तिलक क्यों लगते है और इसका वैज्ञानिक कारण

तिलक लगाने के कारण
तिलक क्यों लगाते है

तिलक लगाना हिन्दू धर्म का एक आवश्यक धार्मिक कार्य के सामान है . पुराने ज़माने में अगर कोई ब्राह्मण अगर तिलक ना लगाये तो उसका कोई मोल ही नही रहता था . टिका काम को सफल करने में मदद करता है ऐसा हिन्दू धर्म में माना जाता है , भारत के दक्षिण इलाके में आज भी तिलक एक विशेष स्थान पर है . किसी व्यक्ती से तिलक लगवाना या लगाना भी सम्मान का सूचक माना गया है . तिलक भारत की संस्कृति में से है . भारत में तिलक हर काम की शुरवात करने से पहले लगाते है . टिका लगाना शुभ माना जाता है व काम की नकारात्मक उर्जा को कम करने के लिए भी लगाया जाता है. तिलक या बोल सकते है टिका. टिका युद्ध में जाने से लेकर ,युद्ध के विजय होने पर भी लगाते थे . आज भारत के कई सैनिक युध्ह में जाते वक़्त भगवन के नाम का टिका मस्तक पर लगा कर जाते है . या कई व्यक्ती रोजाना टिका लगाना पसंद करते है . मेहमान जब घर से जाते है तब उनको भी टिका लगा कर. मेहमान को घर से विदा करते है ताकि उनकी यात्रा मंगल मय हो . सफ़र करते समय , शुभकामान को व्यक्त करने के लिए टिका लगाया जाने की प्रथा प्राचीनकाल से है. तिलक कई तरह के होते है , इस्नके आकार अलग अलग रहते है .

तिलक लगाने का वैज्ञानिका कारण

जब हम अपने दिमाग पर ज्यादा जोर देते है .या कहा जाए जब दिमाग का इस्तेमाल ज्यादा अधिक कर देते है तब , हमारे सर में , जहा पर हम तिलक लगाते है वहा दर्द होना चालू हो जाता है . और चन्दन ठंडा रहता है , जब हम चन्दन का तिलक लगाते है तो यह हमारे ज्ञान की तंतु को ठंडक पहुचता है .वह व्यक्ति जो प्रातःकाल उठकर , नहाकर ,और चन्दन का टिका लगाता हो उसे कभी भी सर दर्द की शिकायत नही होती .