माला में 108 मनके क्यों होते है

माला में 108 मनके क्यों होते है,mala ke 108 manke

माला में 108 मनके क्यों होते है .

माला में 108 मनके क्यों होते है
माला में 108 मनके क्यों होते है

माला में 108 मनके क्यों होते है:- माला का महत्व भारत में बहुत ज्यादा है, माला फूलो की हो या रुद्राक्ष की दोनों का अलग अलग जगह में अलग अलग महत्त्व है. फूलो की माला अथिति सत्कार के लिए करते है.लेकिन 108 मोती माला भगवान का ध्यान लगाने के लिए करते है ,जिसे जप भी कहते है. प्राचीन काल से भगवान की पूजा ,उपवास करना ,व भगवान के लिए माला से जप करना हमारी पद्धति का अभिन्न अंग रहा है. जप करने के लिए मुख्यतः 108 मोती वाली माला की आवश्यकता होती है.यह माला के मोती रुद्राक्ष,वैजयंती,तुलसी,स्फेटिक,नागो की या मोतियों की हो सकती है.लेकिन रुद्राक्ष के मोती से बने माला को सबसे ज्यादा श्रेष्ठ मन गया है,क्युकी वैज्ञानिक तोर पर रुद्राक्ष में कीटाणु नाशक व चुम्कीय शक्ति भी पाई जाती है.रुद्राक्ष कही मिलते नही है ,आपको जान कर हैरानी होगी की यह पेड़ पर उगते है ,रुद्र्क्ष का इस्तेमाल हिन्दू धर्म के सभी पंडित करते है

108 मनके ही क्यों

माला में मोतियों की संख्या 108 रखी गयी है ,क्युकी हमारे जीवन में 9 गृह था 12 राशिया है जिनका गुणा करने से ( 12×8=108 )108 संख्या प्राप्त होती है,उसी तरह हमारे धर्म के अनुसार 27 नक्षत्र है और इन नक्षत्र के 4 चरम होते है ,जिसका गुणांक (27×4=108),108 मिलता है उस हिसाब से भी हमारे माला की मोतियों की संख्या 108 होती है.

याद रखने वाली बाते .

 

1 माला में कई तरह के मोती होते है,रुद्राक्ष,वैजयंती,तुलसी,स्फेटिक होते है .
२ माला में रुद्राक्ष की माला को श्रेष्ठ मानते है क्युकी इसमें किटानुनाश व चुम्कीय शक्ति ज्यादा होती है .
3 108 मोती का कारण हमारे 9 गृह और 12 राशियों के गुणांक में रखा गया है ,
4 27 नक्षत्र जिनके 4 चरम होने के गुणांक 108 होने के कारण को भी, 108 मोती होने का कारण है .