शहद क्यों नवजात शिशु को चटाते है Honey For New Born Baby

शहद क्यों नवजात शिशु को चटाते है 

 

 

शहद एक ऐसी प्रकृति चीज है जो पहमे कई बीमारी होने से बचाता है . यह एक प्रकृति की चीजो से परिपूर्ण द्रव है ,जिसका निर्माण मधुमक्खी बनती है . शहद का दूसरा नाम मधु है .इसलिए भी वह मक्खी जो शहद बनाती है ,उसका नाम मधुमक्खी रखा है . शहद कई तरह से काम में लिया जाता है ,इसका उपयोग खाने के साथ साथ पूजा करने के कामो में भी करते है .मधु का उल्लेख प्राचीन यूनान में भी बताया गया है . भारत धार्मिक मान्यताओ का देश रहा है यहाँ पर भक्ति भाव तथा पुराणी मान्यताओ पैर पूरा धयान दिया जाता है . भारत के पूर्वज शहद की गुणवत्ता को पहले से ही जानते थे और इसका इस्तेमाल करना भी जानते थे , मधु यानि शहद को शुभ संकेत भी मानते है ,व हर शुभ कार्य में मधु का उपयोग करते है. घर में शिशु का जन्म होना शुभ अवसर होता है. और शुभ अवसर में शाद का उपयोग होता है .साथ ही साथ शहद में विटामिन ,प्रोटीन व अमीनो अमल भी होता है .यह तक की शहद एक बेहद अच्छी तरह की ओषधि भी है.
पुरानी मान्यताओ के अनुसार शिशु को मीठा शहद चटा कर . उसका दुनिया में स्वागत करते है और मधु के जैसा उसकी जिन्दगी में भी मिठास आये यह प्राथना करते है , और यह उम्मीद करते है की बच्चा अपनी जिंदगी में मीठी वाणी बोलने वाला बने.

भारत में बहुत से परिवार जिनके घर शिशु का जन्म होता है तब उनकी जीभ में मधु से भगवन का नाम लिखते है . और उसके अच्छे जीवन होने की कामना करते है .शहद स्वाद में मीठा होता है और मान्यताओ के अनुसार पवित्र भी मन गया है. यह परम्परा कब से शुरू हुई इसके बारे में कोई भी इंसान सही से नही बता सकता .